Monsoon Session Update: लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित, ओम बिरला बोले- नारेबाजी से समस्या खत्म नहीं होगी



Monsoon Session News: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही मणिपुर हिंसा पर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। मणिपुर में हिंसा और महिलाओं को निर्वस्त्र परेड कराने के मामले पर नाराज विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करने और लोकसभा की दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के दूसरे दिन दोनों सदनों में क्या-क्या रहा। जानते हैं।  

कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम ने संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मणिपुर में हिंसा को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एन. बीरेन सिंह की सरकार से हर वर्ग का भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि 4 मई की घटना के बारे में वीडियो वायरल होने पर उन्हें पता चला, वह एक गृह मंत्री हैं, उनकी पुलिस और खुफिया विभाग क्या कर रहा है?...यह अनुच्छेद 355 के तहत कार्रवाई करने और फिर सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लागू करने का मामला है।

राघव चड्ढा ने की बहस की मांग

इस बीच, AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि आज राज्यसभा में हम सभी ने मिलकर अध्यादेश का मुद्दा उठाया। हमने ये बात उठाई है कि ये काले अध्यादेश हैं और इसे वापस लेना चाहिए। ये सदन में ना पेश होने चाहिए और ना ही इस पर कोई चर्चा होनी चाहिए। हमें विश्वास है कि राज्यसभा के अध्यक्ष हमारी बात को स्वीकार करेंगे और इस अध्यादेश को वापस लेने के लिए सरकार को सलाह देंगे।  

इस दौरान उन्होंने मणिपुर में हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर इस देश का अभिन्न अंग है। मणिपुर जल रहा है। वहां से हैवानियत भरी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर बहस की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार इस बहस से क्यों भाग रही है। मणिपुर और केंद्र में भाजपा की सरकार है, डबल इंजन की सरकार चल रही है मगर सिर्फ डबल हैवानियत नजर आ रही है।  

राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित

लोकसभा के बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के सेवा मामले पर अध्यादेश कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सरकार द्वारा उसके स्थान पर विधेयक लाए जाने के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के प्रस्ताव पर फिलहाल आम-सहमति नहीं

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि जिला स्तर पर न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन के प्रस्ताव पर फिलहाल आम-सहमति नहीं बनी है। विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस प्रस्ताव पर राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के विचार पूछे गए थे। अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन पर राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों के बीच मतभेद हैं।

मणिपुर के सीएम को बर्खास्त करना चाहिए: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पीएम मोदी ने मणिपुर के बारे में सदन के बाहर बयान दिया, जबकि उन्हें सदन के अंदर पहले बयान देना था फिर बाहर दे सकते थे, लेकिन उन्होंने पहले ही बाहर बयान दे दिया। जब सदन चल रहा है तो सभी नेता अपने सदस्यों को पहले बयान दे फिर बाहर दे क्योंकि ये हमारी ड्यूटी होती है। पीएम मोदी ने इस पर अपनी विफलता दिखाई। मणिपुर के सीएम को बर्खास्त जरूर करना चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

विज्ञापन

विज्ञापन